उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार What is mutation

उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार What is mutation

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार (What is mutation, types of mutation) में। दोस्तों यहाँ पर आप उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार कितने है, उत्परिवर्तन के कारण क्या है आदि के बारे में जानेंगे। तो आइये पढ़ते है, उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार :-

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उत्परिवर्तन किसे कहते हैं

उत्परिवर्तन किसे कहते है What is mutation?

उत्परिवर्तन किसे कहते हैं :-  उत्परिवर्तन को अंग्रेजी में म्यूटेशन (Mutation) कहा जाता है और म्यूटेशन शब्द का सबसे पहले प्रयोग नीदरलैंड के एक वैज्ञानिक ह्यूगो डी ब्रीज (Hugo de breeze) ने 1990 में किया था। इस महान वैज्ञानिक ने एक विशेष प्रकार के पौधे आईनोथिरा लैमारकियाना के विभिन्न आनुवांशिक विभिन्नताओं का अध्ययन किया

और अपने अध्ययन के आधार पर बताया, कि इन पौधों में होने वाले विभिन्न प्रकार के आकारिक परिवर्तन गुणसूत्र में होने वाले परिवर्तनों से संबंधित होते हैं, जबकि दूसरी तरफ म्यूटेशन की ठीक प्रकार से खोज का श्रेय टीएच मॉर्गन (T.H Morgan) नामक वैज्ञानिक को जाता है। इन्होंने 1910 में ड्रोसोफिला पर अपने प्रयोग किए थे और उन्होंने इस प्रयोग में उनका f2 पीढ़ी में एक सफेद आंख वाला नर ड्रोसोफिला दिखाई दिया,

जबकि उनके प्रयोग में नर और मादा दोनों ही लाल-लाल आंखों वाले थे। इस प्रकार से मॉर्गन महोदय ने सफेद आंख वाले नर को म्युटेंट के नाम से स्पष्ट किया और कहा कि आंखों में पाया जाने वाला लाल रंग का जीन प्रभावित होता है और यह जीन एक्स क्रोमोजोम पर पाया जाता है, किंतु किसी कारण से एक्स क्रोमोजोम पर उपस्थित उस जीन में म्यूटेशन हुआ और आंख का रंग सफेद हो गया, क्योंकि नर में सिर्फ एक एक्स क्रोमोजोम पाया जाता है। इस प्रकार से मॉर्गन महोदय ने सबसे पहले उत्परिवर्तन को स्पष्ट रूप से समझाया था।

उत्परिवर्तन के प्रकार Type of Mutation 

म्यूटेशन तथा उत्परिवर्तन को विभिन्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है, यहाँ पर हम स्पष्ट रूप से निम्नलिखित प्रकारों में न्यूट्रिशन को वर्गीकृत कर रहे हैं:- 

कोशिकाओं के आधार पर Based on cells

जीवधारी के शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं को दो भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें सोमेटिक कोशिकाएँ जर्मिनल कोशिकाएँ होती हैं, इन कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तन अलग अलग प्रकार से देखने को मिलते हैं:- 

सोमेटिक म्यूटेशन (Somatic mutation) :- शरीर की सोमेटिक कोशिकाओं अर्थात वह कोशिकाएं जो शरीर की देह बनती हैं, उन कोशिकाओं में पाया जाने वाला म्यूटेशन सोमेटिक म्यूटेशन कहलाता है। साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि सोमेटिक कोशिकाएं जो की जनन से किसी भी प्रकार से सम्बंधित नहीं होती उनमें होने वाला उत्परिवर्तन म्यूटेशन सोमेटिक म्यूटेशन होता है। यह उत्परिवर्तन लम्बे समय तक नहीं होते अर्थात पीढ़ी दर पीढ़ी नहीं जाते हैं, यह उत्परिवर्तन केवल एक पीढ़ी में ही रह जाते हैं और व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही समाप्त हो जाते हैं। इस उत्परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. मनुष्य में पेराऑक्सीमल नोक्टर्नल हीमोग्लोबिक्यूरिया
  2. यूनिलैटरल रेटिनोब्लास्टोमा

जर्मिनल म्यूटेशन (Germinal mutation):- जब उत्परिवर्तन शरीर की जनन कोशिकाओं या जर्मिनल कोशिकाओं में होते हैं, तो उसको जर्मिनल म्यूटेशन के नाम से जाना जाता है। यह वंशागत होते हैं अर्थात एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाते हैं। जनन कोशिकाओं से स्पर्म और ओवम का निर्माण होता है, जिन्हें हम शुक्राणु और अंडाणु के नाम से जानते हैं, इसलिए इनको गेमेटिक म्यूटेशन के नाम से भी जाना जाता है।

म्यूटेशन के परिमाण और गुण के आधार पर On the magnitude and nature 

परिमाण और गुण के आधार पर म्यूटेशन दो प्रकार के होते हैं:- 

पॉइंट या जीन म्यूटेशन (Gene Mutation) :- जीन का मुख्य अनुवांशिक पदार्थ डीएनए होता है और डीएनए के किसी भी भाग में जब परिवर्तन होता है या डीएनए के एक न्यूक्लियोटाइड (Nucleotide) में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या फिर एक डीएनए में नया न्यूक्लियोटाइड जोड़े जाने से जो परिवर्तन होता है उसे पॉइंट या जीन म्यूटेशन के नाम से जाना जाता है, जो निम्न प्रकार से हो सकते हैं:- 

  1. डिलीशियस या विलोपन के कारण
  2. इनसर्जन या एडिशन जोड़ने से
  3. सब्सीट्यूशन या प्रतिस्थापन

मल्टीपल या ग्रॉस म्यूटेशन (Gross Mutation) :- जब उत्परिवर्तन एक न्यूक्लियोटाइड या फिर संपूर्ण जीन में होता है, तो उसे ग्रॉस या मल्टीपल म्यूटेशन के नाम से जाना जाता है।

उदाहरण के तौर पर क्रोमोसोमल म्यूटेशन गुणसूत्र की संरचना या संख्या में क्रोमोसोम की संख्या में तथा संरचना में किसी भी प्रकार का जब उत्परिवर्तन होता है तो उसको क्रोमोसोमल म्यूटेशन कहते हैं।

उत्पत्ति के आधार पर म्यूटेशन Mutation based on origin

उत्पत्ति के आधार पर म्यूटेशन दो प्रकार के होते हैं:- 

स्पॉन्टेनियस या आकस्मिक उत्परिवर्तन (Accidental mutation) :- वे उत्परिवर्तन जो अचानक ही होते हैं और प्रकृति के द्वारा उत्पन्न हो जाते हैं उनको आकस्मिक उत्परिवर्तन के नाम से जाना जाता है। यह उत्परिवर्तन प्रयोगशाला में कभी-कभी रेडिएशन या ताप के प्रभाव के कारण भी हो जाते हैं। 

प्रेरित म्यूटेशन (Induced mutation) :- इस प्रकार के म्यूटेशन या उत्परिवर्तन जीव जंतुओं में एक्स किरण तथा गामा किरणों के द्वारा उत्पन्न किए जाते हैं, इस प्रकार के उत्परिवर्तन को कृत्रिम म्यूटेशन के नाम से भी जाना जाता है।

उत्परिवर्तन के कारण Due to mutation

उत्परिवर्तन के कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें हम निम्न प्रकार से समझते हैं

बिंदु उत्परिवर्तन में होने वाले परिवर्तन (Changes occurring in point mutation):- बिंदु उत्परिवर्तन वह उत्परिवर्तन होता है, जिसमें एक न्यूक्लियोटाइड की जोड़ी परिवर्तित हो जाती है यह क्रिया डीएनए में निम्न प्रकार के कारण होती है:- 

न्यूनता उत्परिवर्तन (Deficiency Mutation)  :- इस प्रकार के उत्परिवर्तन में जीन के एक ट्रिपलेट के किसी भाग में न्यूनता अथवा विलुप्त होने से होती है, यह बैक्टीरियोफेज में अधिक देखने को मिलती है।

निवेशी उत्परिवर्तन (Investment mutation) :- इस प्रकार के उत्परिवर्तन का कारण जीन में एक या एक से अधिक न्यूक्लियोटाइड के अधिक  होने के कारण होता है। इस प्रकार का उत्परिवर्तन कृत्रिम रूप से भी उत्पन्न किया जा सकता है।

डीएमिनेशन के द्वारा (By deamination) :- इस उत्परिवर्तन में अमीनो समूह को डीएनए बेस के हाइड्रोक्साइड समूह से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है, जिससे एडिनाइन डीएमिनेशन के बाद हाइपोजेनथाइन में परिवर्तित हो जाता है, इस प्रकार का परिवर्तन रासायनिक पदार्थ से होता है।

ट्रांसवर्जन द्वारा (By transversion) :- इस उत्परिवर्तन का कारण एक जीन में जीन के पुर्नवन्यास से होता है, जैसे कि एक जीन में न्यूक्लियोटाइड के विन्यास में परिवर्तन से गुणसूत्र में विभिन्न जींस के विन्यास में परिवर्तन से

विकिरण एवं रासायनिक पदार्थ द्वारा (By radiation and chemical substances)  :- विकिरण और रासायनिक पदार्थ भी उत्परिवर्तन उत्पन्न करते हैं, जिन्हें हम कृत्रिम उत्परिवर्तन कृत्रिम म्युटेंट के नाम से भी जानते हैं।

दोस्तों यहाँ पर आपने उत्परिवर्तन किसे कहते हैं, उत्परिवर्तन के प्रकार (What is mutation) आदि के बारे में पढ़ा, आशा करता हुँ आपको लेख पसंद आया होगा।

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