जीव विज्ञान किसे कहते है परिभाषा Jeev vigyan kise kahate hain

जीव विज्ञान किसे कहते है परिभाषा Jeev vigyan kise kahate hain

हैलो दोस्तों नमस्कार इस लेख जीव विज्ञान किसे कहते है,इसके क्षेत्र तथा जन्तुंओं के वर्गीकरण (What is Biology its field and animal classification) में, आपका बहुत -बहुत स्वागत है।

इस लेख में जीव विज्ञान कि परिभाषा (Defination) प्रकार तथा जन्तुंओं का वर्गीकरण सीधी और सरल भाषा में समझाया गया है। यह टॉपिक कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक तथा उच्च कक्षाओं में भी अध्ययन कराया जाता है, तथा सामान्य ज्ञान के लिए भी आवश्यक है। तो आइये दोस्तों शुरू करते है, यह लेख जीव विज्ञान (Biology) किसे कहते है:- 

जीव विज्ञान किसे कहते है Jeev vigyan kise kahate hain

जीव विज्ञान ( Biology ) जीव विज्ञान को अंग्रेजी में बायोलॉजी (Biology) कहा जाता है, जिसका सबसे पहले प्रयोग 1801 में लैमार्क (lamarck) जो फ्रांस के जंतु वैज्ञानिक थे

और ट्रेविनेरस (Trevineras) जो जर्मनी के जंतु वैज्ञानिक थे ने किया था। साधारणत: बायोलॉजी ग्रीक Greek भाषा का शब्द है, जो दो शब्दों "Bios" जिसका अर्थ है लाइफ, जीवन या जीव और "logos" जिसका अर्थ है, "अध्ययन"

से मिलकर बना है, इस प्रकार साधारण भाषा में कहा जा कहता है, कि बायोलॉजी Biology का अर्थ जीवों का कर्मबद्ध अध्ययन है अतः

जीव विज्ञान प्राकतिक विज्ञान की एक शाखा (Branch) है, जिसमें उन जीवों का अध्ययन होता है, जिनमें जीवन (life) होती है, अर्थात उन जीवों में जीवन सम्बन्धी सभी क्रियायें होती हैं,

जैसे - उनकी उत्पत्ति, विकास, प्रजनन आदि। अतः कह सकते है, कि वे जीव जो अपने मातृ जीव से उत्पन्न होते है और उनकी मृत्यु होती है उनका अध्ययन जीव विज्ञान में किया जाता है और 

उनका जिस शाखा के अंतर्गत अध्धयन किया जाता है उसे विज्ञान की शाखा जीव विज्ञान (Biology) अर्थात जीवों का विज्ञान कहते है।

जीव विज्ञान को अरस्तु (Aristotle) नामक वैज्ञानिक ने नई शाखा के रूप में स्थापित किया तथा ज़ीव विज्ञान के क्षेत्र में विस्तृत वर्णन अध्ययन किया इसलिए अरस्तु को जीव विज्ञान का जनक (Father of Biology) भी कहा जाता है।

जीव विज्ञान की परिभाषा Defination of Biology

विज्ञान जिसमें जीवों का विकास, वर्गीकरण उनकी क्रियाये, संरचना, आकार, वृद्धि रोग उपचार आदि वह जीव विज्ञान के अंतर्गत आता है।

वह विज्ञान जिसके अंतर्गत सजीवो के शरीर की सम्पूर्ण क्रियाओ का क्रमबद्ध तरीके से अध्ययन अध्ययन किया जाता है, जीव विज्ञान कहलाती है।

जीव विज्ञान के क्षेत्र - Field of Biology

जीव विज्ञान को अध्ययन की सुविधा से दो क्षेत्रों में विभाजित किया गया है

  1. प्राणी विज्ञान (Zoology ) जीव विज्ञान की वह शाखा, जिसके अंतर्गत सभी प्राणियों की पोषण उत्पत्ति विकास उन पर वातावरण का प्रभाव जीवन सम्बन्धी क्रियायें प्रजनन,  मृत्यु आदि का विस्तृत अध्ययन किया जाता है, उसे प्राणी विज्ञान कहते हैं। प्राणी विज्ञान के जनक अरस्तु हैं, जिन्होंने प्राणी विज्ञान के संबंध में अपनी पुस्तक लिखी जिसका नाम है, हिजटोरिआ एनिमेलिआ  (Historia Annimalium) जिसमें 500 जीव जंतुओं का वर्णन किया गया है।
  2. वनस्पति विज्ञान  (Botany ) - वनस्पति विज्ञान के अंतर्गत समस्त प्रकार के पेड़ पौधों (plant hurb) झाड़ियों आदि का अध्ययन किया जाता है, वनस्पति विज्ञान के जनक थियोफ्रेस्ट्स नमक वैज्ञानिक है जिन्होंने अपनी पुस्तक हिस्टोरिप्ला प्लान्टेरम ( Historia Plantarum) में  500 प्रकार के पौधों  का वर्णन किया है

जीवधारियों का वर्गीकरण Classification of organisms

संसार में कई प्रकार के असंख्य प्राणी है, जो आकार, स्वभाव तथा उनके आवास के आधार पर एक दूसरे से हमेशा भिन्नता प्रकट करते हैं।

इसलिए जीवधारियों का अध्ययन की सुविधा के लिए वर्गीकरण (Classification) बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक हो गया था, इसलिए 

जीवधारियों का वर्गीकरण करने का प्रयास कई वैज्ञानिकों ने किया, लेकिन जॉन रे (John ray) नामक वैज्ञानिक ने जीवधारियों के वर्गीकरण की शुरुआत क्रमबद्ध तरीके से शुरू की।

किंतु कुछ समय पश्चात ही उनके वर्गीकरण को अमान्य घोषित मानकर एक श्वीडिश वैज्ञानिक कैरोलस लीनियस ने 1708 -1778 ई• के बीच में जंतुओं का वर्गीकरण किया

और उन्होंने अपनी पुस्तक जेनेरा प्लांंटेरम, सिस्टम नेचुरी तथा क्लासेस प्लांटेरम आदि पुस्तकों में जीवधारियों के वर्गीकरण का विस्तृत वर्णन किया।

कैरोलस लीनियस (Carolus Linnaeus) नामक वैज्ञानिक  ने जीवधारियों का वर्गीकरण Classification दो भागों में किया

1.जंतु जगत Animal kingdom

केरोलस लिनियस नामक वैज्ञानिक ने जंतु जगत में सभी कशेरुकीय Vertibrate तथा अकशेरूकीय invertibrate चलायमान तथा

अन्य अचालयमान प्राणियों को तथा उन समस्त प्राणियों को समाहित किया है, जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ जा सकते हैं, तथा जिनका शरीर विखंडित तथा उनमें पादप से भिन्न गुण  पाए जाते हैं।

जंतु जगत के समस्त प्राणी सभी स्थानों पर पाए जाते हैं। जल में पृथ्वी पर और आकाश में उड़ने वाले भी प्राणी इन्हीं में शामिल है।

2. पादप जगत Plant kingdom

लिनियस महोदय ने पादप जगत में सभी प्रकार के पेड़ पौधे वनस्पति तथा वे सभी छोटे-छोटे पौधे झाड़ियाँ घाँस शामिल किए गए हैं

जो अचलायमान होते तथा अपना भोजन स्वयं बनाने की क्षमता रखते हैं। इनमें पाये जाने वाले गुण तथा क्रियाएं जंतुओं से भिन्न भिन्न होती हैं।

आरएच व्हिटेकर की  वर्गीकरण प्रणाली RH Whitaker Classification System

कैरोलस लीनियस ने जंतुओं के वर्गीकरण की आधारशिला की नींव रखी और इसके पश्चात जंतुओं के वर्गीकरण में एक क्रांति उस समय आई जब

आर. एच. व्हिटेकर (R. H. Whitaker) नामक वैज्ञानिक ने सभी प्राणियों को वैज्ञानिक तरीके से विभाजित कर दिया। वैज्ञानिक आरएच व्हिटेकर ने सन 1969 में समस्त प्राणियों को पांच भागों में बांट दिया जो निम्न प्रकार हैं।

  1. मोनेरा (Monera) - मोनेरा जगत में उन सभी प्राणियों को रखा गया है जो एककोशिकीय  प्रोकेरियोटिक (unicellular prokaryotic) प्रकृति के होते हैं, अर्थात इनमें सुविकसित अंग तथा केंद्रक (Nucleus ) का अभाव होता मोनेरा में बैक्टीरिया (Bacteria) नील हरित शैवाल (Blue Green Algea) आदि प्राणियों को शामिल किया गया है, जो एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक प्रकृति के होते हैं।
  2. प्रोटिस्टा (Protista) - जगत में इस प्रकार के प्राणियों को शामिल किया गया है, जो एककोशिकीय है, किंतु यूकैरियोटिक प्रकृति के हैं, अर्थात इनमें सभी प्रकार के विकसित अंग होते हैं तथा एक स्पष्ट केंद्रक (nucleus) पाया जाता है। प्रोटिस्टा जगत की समस्त प्राणी जल थल में पाए जाते हैं, जैसे- यूग्लीना (Euglena) पैरामीशियम (Paramecium) आदि 
  3. पादप (Plant) - पादप जगत में उन सभी प्राणियों को शामिल किया गया है, जो रंगहीन बहूकोशिकीय (Multicellular) तथा प्रकाश संश्लेषी (photosynthetic ) उत्पादक जीव होते हैं, अर्थात इनमें से समस्त प्राणी अपना भोजन स्वयं बनाते हैं और यह हरे होते हैं. इनमें मास (Mass) पुष्पीय (floral) तथा अपुष्पीय (non-floral) समस्त प्रकार के पेड़ पौधों को शामिल किया गया है।
  4. कवक (Fungi) - इस जगत में भी यूकैरियोटिक तथा परपोषी जीवों को सम्मिलित किया गया है, जो अपने भोजन के लिए किसी और पर आश्रित होते हैं, तथा परपोषी के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर के अपना पोषण करते हैं।
  5. एनिमलिया (Annimalia) - एनिमलिया जगत में बहुकोशिकीय जंतु सम्भोजी यूकैरियोटिक जीवो को रखा गया है, जो उपभोक्ता होते हैं, तथा इन जीवो को मेट्रोजोआ भी कहा जाता है। इनमें जेलीफिश, सितारा, मछली पक्षी, सरीसृप, स्तनधारी आदि कशेरुकीय प्राणी है।

दोस्तों आपने इस लेख में जीव विज्ञान क्या है (what is biology) इसके क्षेत्र तथा जंतुओं का वर्गीकरण पड़ा आशा करता हुँ, कि यह लेख आपको अच्छा लगा होगा इसे शेयर जरूर करें।

  • FAQs for Biology

Q.1 जीव विज्ञान का जनक कौन है?

Ans. जीव विज्ञान के जनक अरस्तु है।

Q.2. जीव विज्ञान के 2 प्रकार क्या हैं

Ans. जीव विज्ञान के दो प्रकार जंतु विज्ञान (Zoology) वनस्पति विज्ञान (Botany) है।

Q.3. Science का फुल फॉर्म क्या है?

Ans. Science का फुल फॉर्म “Systematic Comprehensive Investigation and Exploration of Natural, Cause and Effect” अर्थात व्यवस्थित व्यापक जाँच पड़ताल और प्राकृतिक अन्वेषण, वजह और प्रभाव है।

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